भारत में आकस्मिक मौतें एवं आत्महत्याएँ

रिपोर्ट के लिए राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो (रा.अ.रि.ब्यू.) द्वारा जिला अपराध रिकार्ड ब्यूरो (जि.अ.रि.ब्यू.) से डाटा संग्रह किया जाता है एवं संदर्भ के अंतर्गत वर्ष के अंत में राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो को भेजा जाता है । बड़े शहरो (अंतिम जनगणना के आधार पर १० लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले शहरो) से डाटा अलग से संग्रह किया जाता है । कुछ आई.पी.सी. शीर्षों पर जिला वार डाटा अलग से संग्रह एवं प्रकाशित किया जाता है । 'भारत में आकस्मिक मृत्यु एवं आत्महत्याए' का पहला अंक वर्ष १९६७ से संबंधित है एवं रिपोर्ट का नवीनतम अंक वर्ष 2024 से संबंधित है ।

कार्य क्षेत्र:

यह रिपोर्ट निम्नलिखित पर विस्तृत जानकारी रखती है

  • दुर्घटना के कारण हुई मृत्यु एवं
  • आत्महत्याएं.

रिपोर्ट में पीडितों का आयु ग्रुप वार एवं लिंग वार ब्यौरा भी उपलब्ध है । इस रिपोर्ट में आकस्मिक मृत्यु एवं आत्महत्याओं प्रत्येक पर एक अध्याय है । उपर्युक्त अपराध डाटा सुचित्र/नक्शे के प्रारूप, सारणी प्रारूप एवं मानचित्र प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है ।

मुख्य क्षेत्र:

दुर्घटना के कारण से हुई मृत्यु को दो विस्तृत वर्गों-प्राकृतिक कारणों से हुई आकस्मिक मृत्यु एवं अप्राकृतिक कारणों से हुई आकस्मिक मृत्यु में वर्गीकृत किया गया । प्राकृतिक कारणों से हुई मृत्यु का श्रेय हिमधाव, ठंड एवं उच्छादन, टोरनेडा, भूखमरी/प्यास, भूकंप, महामारी, बाढ़, हीट स्ट्रोक, भूस्खलन, बिजली, जल-प्रवाही बारिश एवं अन्य प्राकृतिक कारणों को जाता है । अप्राकृतिक कारणों से हुई मृत्यु का श्रेय विमान दुर्घटना, भवन के ढहने, विस्फोट, गिरने, आग, आकस्मिक मृत्यु, जहर खाने, सड़क दुर्घटना एवं अन्य कारणों को जाता है । सड़क दुर्घटना से हुई मृत्यु का ब्यौरा रिपोर्ट में माह एवं समय के अनुसार दिया गया है । आत्महत्याओं की सूचना के कारण जैसे दीवालियापन, संदेहास्पद/अवैध संबंधों, शादी के बर्खास्त/अव्यवस्थित होने, बच्चे नहीं होने, बीमारी, प्रिय व्यक्ति की मृत्यु, दहेज विवाद, जांच में असफल, पारिवारिक समस्याओं, सम्पत्ति विवाद, बेरोजगारी एवं अन्य कारण रिपोर्ट में उपलब्ध है । इस प्रकाशन में आत्महत्या के पीडि़तों के व्यवसायिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक रूपरेखा का ब्यौरा उपलब्ध है ।

डाटा अनुसंधान करने एवं निर्णय लेने में::

भारत सरकार के पास उपर्युक्त विषय पर अत्यंत विस्तृत, डाटा बैंक केवल इसी रिपोर्ट में उपलब्ध है । इस रिपोर्ट में विहित डाटा नीति निर्माताओं, एन.जी.ओ., अनुसंधानकर्त्ताओं एवं पब्लिक द्वारा बड़े तौर प्रयोग किया जाता है । रिपोर्ट में विहित सूचना की गहनता, बढ़ते उपयोग, विभिन्न स्टापहोल्डर की निर्भरता को ध्यान में रखते हुए हमने, अपने खुद के प्रयासों से 1967 से 2024 तक की रिपोर्ट के सभी अंकों को डिजिटाईज किया है एवं इसे हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है ।

 

सुझाव एवं नए क्रियाकलाप :

यद्यपि हमारी उपल्बिधयां हमें गौरवांवित करती है, परन्तु वे हमें संतुष्ट नहीं करती है । रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण कई वर्षों से लगातार सुधार होता रहा है । मानचित्र को एक नया रुप दिया गया है। हम रिपोर्ट की विषय सूची एवं प्रस्तुतीकरण में सुधार के लिए उपयोगकर्त्ताओं से प्राप्त हुए सुझावो का स्वागत करते हैं ।